पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी त्रिशूलधारी सिंह और पूर्व सभापति रौशन कुमार की संयुक्त अगुआई में सैकड़ों गाड़ियों का काफिला पटना रवाना, बापू सभागार के राज्यस्तरीय समारोह में शामिल होंगे हजारों कार्यकर्ता और समर्थक
बरबीघा (शेखपुरा), 25 अक्टूबर 2026। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री एवं आधुनिक बिहार के निर्माता के रूप में प्रसिद्ध ‘बिहार केसरी’ डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (श्री बाबू) की 139वीं जयंती के अवसर पर रविवार को बरबीघा से सैकड़ों गाड़ियों का विशाल काफिला राजधानी पटना के लिए रवाना हुआ। पटना के बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय जयंती समारोह में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग इस काफिले में शामिल हुए।
बरबीघा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी त्रिशूलधारी सिंह और नगर परिषद बरबीघा के पूर्व सभापति रौशन कुमार की संयुक्त अगुआई में निकले इस काफिले में कार्यकर्ताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
नारों से गूंजा बरबीघा, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
पटना रवाना होने के दौरान बरबीघा में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने ‘डॉ. श्रीकृष्ण सिंह अमर रहें’ के साथ कांग्रेस पार्टी के समर्थन में जमकर नारे लगाए। सैकड़ों वाहनों के लंबे काफिले में बड़ी संख्या में श्री बाबू के प्रशंसक और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
श्री बाबू के आदर्शों को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
इस अवसर पर पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी त्रिशूलधारी सिंह और पूर्व सभापति रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से कहा, “श्री बाबू आधुनिक बिहार के शिल्पकार थे। उन्होंने सामाजिक समरसता, विकास और न्याय की जो नींव रखी थी, आज उसे और मजबूत करने का संकल्प लेने हम सब बापू सभागार जा रहे हैं। बरबीघा हमेशा से कांग्रेस और श्री बाबू के विचारों का गढ़ रहा है, और आज की यह ऐतिहासिक भागीदारी इस बात का जीता-जागता सबूत है।”
समारोह में कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की खबर
पटना के बापू सभागार में आयोजित इस भव्य जयंती समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, बिहार प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह सहित देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के शामिल होने की खबर है।
इससे पहले पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने स्वयं क्षेत्र का दौरा कर लोगों को श्री बाबू की जयंती समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।
उनकी अपील के बाद रविवार को बरबीघा से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग समारोह में भाग लेने के लिए पटना रवाना हुए।



